Located in the northern part of the town, near the Rajghat colony this Bawdi is currently in a pitiful state. Two inscriptions one in Sanskrit and the other in Persian reveal that the
राजघाट कॉलोनी के समीप, शहर के उत्तरी भाग में स्थित यह बावड़ी वर्तमान में बड़ी दयनीय स्थिति में है। दो शिलालेख, जो एक संस्कृत में है व दूसरी फ़ारसी में है, से पता चलता है कि यह सीढ़ीदार कुँआ किसी चाँद बक्कल तथा उसके भाईयों द्वारा उनकी माँ की स्मृति में बनवाया गया था।



