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चंदेरी का कोई उल्लेख होता है और मन में शहर नहीं आता है वरन् यहाँ के बुने रेशमी कपड़े आते है। लगभग हरेक घर में करघा और सड़कों पर खटका की सतत प्रतिध्वनि के साथ, बुनाई सचमुच में शहर के दिल की धड़कन है। दूसरे सहायक पारंपरिक व्यवसायों में बीड़ी बनाना, बांस बुनाई, पत्थर उत्खनन और ड्रेसिंग, मिट्टी के बर्तन बनाना आदि शामिल हैं।

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