गुरू पूर्णिमा, हिंदू महीने, श्रावण, में मनाया जाने वाला एक त्योहार है जिसमें भक्त अपने मृतक व जीवित गुरुओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
इसमें एक विशाल भोज का आयोजन होता है जो चंदेरी के कई मंदिरों में रखी जाती है। भक्तों की भीड़ मंदिर प्रांगण में इक्कठा होती है और अपने-अपने गुरुओं को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसके बाद वे बढ़िया खीर, पुरी-सब्जी और प्रसाद ग्रहण करने भोज में जाते हैं।








